रविवार, 20 मार्च 2011

होली मुबारक

मैंने माना कि बहुत रंग भरी होली है,             
हुस्न के रंग हैंमस्ती हैठिठोली है/            
उंगलियाँ काँप सी जाती हैं मैं छूता हूँ अबीर,
मेरे एहसास को डस्ता है जो छूता है समीर/
ये भी देखो कि सुनामी ने कहर ढाया है/ खून से जेह्न को तेज़ाब से भर लाया है/       
आओ! जिंदा हैं जो तूफां के थपेड़े सहकर,
उनके सदमों के घरौंदों को मुनव्वर करदें/                                            मकसदे-ज़ीस्त को एक और ही मआनी दे दें.
ये सुनामी तो क़यामत की कोई देवी है,      
जब भी आती है, दबे पांव चली आती है/
लोग जब नींद की आगोश में सोते हैं कहीं,  
चांदनी रात में ये सबको निगल जाती है./  
ऐ मेरे दोस्त मेरे दिल में बड़ी हलचल है,    
जब भी ख्वाबों के घरौंदों को नज़र लगती है,           
जब ज़मीं उठके समंदर को सज़ा देती है,     
चाँद झुकता है समंदर को मनाने के लिये,   
फिर भी लहरें किसी नौखेज़ सी बन जाती हैं /         
फिर जो आती है क़यामत की तबाही ऐ दिल,           
कांच की तरह सभी रंग बिखर जाते हैं,       
आग और खून में अरमान पिघल जाते है.
http://samagravicharmunch.blogspot.com/--------------------------------------------------------------------------------------------------------विचार, व्यक्ति के व्यक्तित्व की अभिव्यक्ति होते हैं. इन्हीं से पहचान होती है.आइये! समग्र विचार मंच से जुड़कर अपने विचारों को साझा कीजिये. सदस्य बनिए और अपने विचार-प्रधान-लेखों का ई-लेखन के माध्यम से पाठकों तक पहुँचने का प्रयास कीजिये. यह मंच आपका स्वागत करता है. --प्रबंध संपादक

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Add comment------------------------

यदि आप samagravicharmunch.com को कोई सूचना या जानकारी देना चाहते हैं तो अपनी जानकारी neenag56@gmail.com पर भेजें. संपादक से आप neenag56@gmail.com के जरिये संपर्क कर सकते हैं.
कृपया कमेंट करने में मर्यादित भाषा का प्रयोग करे. लेख में छपे टिप्पणियों के प्रति samagravicharmunch के एडिटर / पब्लिशर की कोई वैधानिक ज़िम्मेदारी नहीं है.
samagravicharmunch की किसी रिपोर्ट से आपको शिकायत है तो आप अपनी शिकायत neenag56@gmail.com पर भेज सकते हैं. आपकी ईमेल या लिखित शिकायतों पर कार्रवाई की जायेगी.. आप हमसे 0-9350168223 के जरिये भी संपर्क कर सकते हैं.
Name (required)----------------
E-mail (required)--------------
Website------------------------
Title--------------------------
-----------------------------------------------------------
50000 symbols left
Notify me of follow-up comments
Send----------------------------