गुरुवार, 21 जुलाई 2011

गुंटर ग्रास/रंजन जैदी

          वीटेंडम उपन्यास जिसे १९९९ में नोबल प्राईज़ मिला था, जर्मनी की चेतना के रूप में याद किये जाने वाले जर्मन साहित्यकार गुंटर ग्रास ने जब यह उपन्यास लिखा था तब उनकी उम्र मात्र २७ वर्ष की थी.     
      दूसरे विश्व महायुद्ध के दौरान गुंटर ग्रास कुछ समय तक एक जंगी कैदी रहे थे इसलिए यह उपन्यास उनके अनुभवों का खज़ाना कहा जा सकता है.    
      उन्हीं अनुभवों प़र केन्द्रित इस उपन्यास के रचयिता का जन्म १९२७ में जर्मनी में हुआ था.     
      इस उपन्यास का केंद्रीय पात्र एक ३ वर्षीय बालक है.    
      गुंटर ग्रास एक उपन्यासकार के अतिरिक्त नाटककार और कवि भी थे. कवि के रूप में उनकी कविता चेंजेज़ यानी परिवर्तन में कवि ने मनुष्य को असीम से ससीम की ओर की यात्रा करते दिखाया है.    
      वह बताते हैं कि मनुष्य के अचेतन में इच्छाओं के पंख उड़ने के लिये फडफडाते रहते हैं. लेकिन वह उस मुर्गी की तरह है जो हंस की तरह उड़ना तो चाहती है लेकिन उड़ न पाने की बेबसी के अहसास से हताश होकर मानस-समुदाय के बीच रहने प़र मजबूर हो जाती है. 

विचार, व्यक्ति के व्यक्तित्व की अभिव्यक्ति होते हैं. इन्हीं से पहचान होती है. आइये! समग्र विचार मंच से जुड़कर इसका मर्म जानिए, अपने विचारों को साझा कीजिये. सदस्य बनिए और अपने विचार-प्रधान-लेखों का ई-लेखन के माध्यम से पाठकों तक पहुँचने का प्रयास कीजिये. यह मंच आपका स्वागत करता है. -प्रबंध संपादक

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

Add comment------------------------

यदि आप samagravicharmunch.com को कोई सूचना या जानकारी देना चाहते हैं तो अपनी जानकारी neenag56@gmail.com पर भेजें. संपादक से आप neenag56@gmail.com के जरिये संपर्क कर सकते हैं.
कृपया कमेंट करने में मर्यादित भाषा का प्रयोग करे. लेख में छपे टिप्पणियों के प्रति samagravicharmunch के एडिटर / पब्लिशर की कोई वैधानिक ज़िम्मेदारी नहीं है.
samagravicharmunch की किसी रिपोर्ट से आपको शिकायत है तो आप अपनी शिकायत neenag56@gmail.com पर भेज सकते हैं. आपकी ईमेल या लिखित शिकायतों पर कार्रवाई की जायेगी.. आप हमसे 0-9350168223 के जरिये भी संपर्क कर सकते हैं.
Name (required)----------------
E-mail (required)--------------
Website------------------------
Title--------------------------
-----------------------------------------------------------
50000 symbols left
Notify me of follow-up comments
Send----------------------------