आजकल देवबंद के न्यू वाइस-चांसलर (मोहतमिम) काफी सुर्ख़ियों मैं हैं. गुजरात के हैं लेकिन मुंबई मैं रहते हैं. रेलिजिअस तालीम के साथ-साथ मैनेजमेंट में डिग्री होल्डर भी हैं. उनके इस बयान पर काफी हंगामा मचा हुआ है कि मुसलमानों को गुजरात-राइट भूल कर आगे बढ़ना चाहिए और अब गुजरात में मुस्लिम्स के साथ भेदभाव नहीं हो रहा है. उनकी मोदी- परस्ती पर मुस्लिम्स के साथ सेकुलर-टाइप की एन्जिओज़ भी नाराज़ हैं. अभी-अभी खबर मिली है कि देवबंद में मौलाना वुस्तान्वी को स्टुडेंट्स ने पीटा है और मदरसे में ताला लगा दिया है. लगता है कि मौलाना वुस्तान्वी को अपनी वाईस-चान्स्लरी से हाथ धोना पड़ सकता है. शायद मदरसों को मॉडर्न और वेस्तर्नायिज़ करने के अभियान को बड़ा झटका लगा है. वैसे तो यह देवबंद का अपना मामला है लेकिन इसमें पूरी इंटरनेश्नल-पोलिटिक्स भी शामिल है. लेकिन मोदी को पाक-साफ बताने से सारा मामला बिगड़ गया, शायद इसका हल मोदी मुसलमानों से माफ़ी मांग कर निकाल सकते हैं लेकिन उन्हें अपनी पार्टी का हीरो भी बने रहना है. इसलिए वह ऐसा नहीं करेंगे . -------------------------------------------------------------------------विचार, व्यक्ति के व्यक्तित्व की अभिव्यक्ति होते हैं. 'समग्र विचार मंच' से जुड़कर इसका मर्म जानिए, अपने विचारों को साझा कीजिये. सदस्य बनिए और अपने विचार-प्रधान-लेखों का ई-लेखन के माध्यम से पाठकों तक पहुँचने का प्रयास कीजिये. यह मंच आपका स्वागत करता है. प्रबंध संपादक