भ्रष्टाचार के मुद्दे को अन्ना ने राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया है. अब देश की खाने की मेजों, ढाबों और चाय के कहवाखानों तक यह बहस शुरू हो चुकी है कि क्या देश से सचमुच भ्रष्टाचार समाप्त हो जायेगा? अन्ना और उनके नेक्स्ट टू अरविन्द केजरीवाल कहते हैं कि ६० से ६५ प्रतिशत कमी तो आयेगी ही. हो भी सकता है लेकिन ऐसा संभव नहीं लगता है. न लगने के कई कारण हैं. हमारे यहाँ कानून सख्त हो सकते हैं किन्तु उनके सूराख समय के साथ बड़े हो जाते हैं. मेरे एक मित्र आईएएस अधिकारी ने मुझे बताया कि अपने स्वभाव के अनुसार रिश्वत लेने का जीवन में सवाल ही पैदा नहीं होता था. जिला अधिकारी बने तो एक बड़े व्यवसाई ने कामन फ्रैंड से शर्त लगाई कि इस देश में ईमानदार अफसर सरकारी तंत्र में रहकर नौकरी कर ही नहीं सकता. वह आई ए एस को घूस देकर ही रहेगा. एकदिन व्यवसाई मेरे मित्र के घर गया तो उसके पास बहुत कीमती बनारसी साड़ी के कुछ नग भी थे. उसने आई ए एस की श्रीमती को नग दिखाते हुए कहा की भाभी आप को तो तजुर्बा होगा कि मेरी बहन कैसी साड़ी पसंद कर सकती है. मैं उसे इस बार राखी के दिन बनारसी साड़ी देना चाहता हूँ. महंगी भी नहीं हैं... श्रीमती ने बनारसी साड़ी की कीमत पूछी तो सन्न रह गईं.२५-३० हज़ार रूपये की साड़ी मात्र ९००-१००० में? तड़ से कहा कि अगर ऐसा है तो वह उसे भी कुछ साड़ियाँ लादे .व्यापारी कीमती साड़ियाँ घर लाता रहा. श्रीमती अपने खानदानवालों को भी ओब्लायिज करती रहीं. व्यवसाई ने घर में अपनी पैठ बनाई तो बड़े गिफ्ट भी देने लगा.आई ए एस से व्यवसाई के लिये सिफारिश भी करने लगीं. एक दिन भेद खुला तो पता चला कि..........नौकरशाही में बहुत से ऐसे काण्ड हुए हैं. घूस अब हमारे चरित्र में एक वायरस की तरह घुस गया है. अरविन्द केजरीवाल कमसिनी में ही आई आर एस की कमिश्नरी छोड़ आन्दोलन में कूद गए, देश ज़िक्र नहीं कर रहा है. कह रहा है कि अन्ना एंड अन्ना की टीम के सदस्य. अरविन्द चाहते तो रिश्वत में नहाते.लेकिन सब छोड़ दिया. मैं ऐसे पूर्व भारतीय अधिकारी को सलाम करता हूँ. सलाम करता हूँ उस महान त्यागी आई आर एस अधिकारी महिला को जो अरविन्द की पत्नी हैं और पति को भरपूर समर्थन देते हुए अपने परिवार को संभाल रही हैं. इस देश में ईमानदार और नैतिक मूल्यों का पालन करने वाले अधिकरियों की कमी नहीं है. ऐसे नेता भी हैं लेकिन चुनाव-प्रणाली सही नहीं है. एक चुनाव प़र ५ से १० करोड़ रूपये खर्च होते हैं. व्यापारी रूपयों का प्रबंध करता है. सत्ता में आते ही वही व्यापारी नेता से ५०० करोड़ की छूट हासिल कर लेता है. भ्रष्टाचार हमारे रग-रेशे में है. एन्जिओज़ भ्रष्टाचार के रहते भी निःस्वार्थ काम कर रहे हैं लेकिन वे अभावग्रस्त हैं. पुलिस भ्रष्टाचार की जड़ में है, हर साल लाखों में पुलिस थाने नीलाम होते हैं. किरण बेदी भी जानती हैं. वीकली बाज़ारों से पुलिस उगाही करती है. फुटपाथ किराय प़र उठा देती है. सब-रजिस्ट्रार ओफिसेज़ में सब रजिस्ट्रार ५० पैसे लेता है, क्लर्क २५ पैसे, बाकी के लोग १५ और १० पैसे लेते हैं. प्रति-दिन लाखों का बैनामा होता है, घूस की कमाई का अनुमान लगाया जा सकता है. ये घूस का पैसा ऊपर तक जाता है. हाइडिल के एक बड़े अधिकारी ने (मुलायम सरकार के समय) कभी मुझे बताया था कि जब वह गाज़ियाबाद कमिश्नरी चाहते थे तो उनसे एक तत्कालीन मंत्री ने सीधे ५ या १५ लाख की मांग की थी. हर मंत्री कुर्सी प़र आते ही पैसा बनाने लग जाता है. सारा तंत्र भ्रष्ट हो चुका है. अन्ना के आन्दोलन की तड़प यही है. लेकिन रास्ते आसान नहीं हैं. नेक रास्तों प़र चलने की सलाहियत होते हुए भी देश का भ्रष्ट वर्ग कभी भी लक्ष्मी का मोह त्याग नहीं पायेगा क्योंकि लक्ष्मी देवी है और देवी की पूजा होती है.शुभ+लाभ हमारा चरित्र है जिसे बदलना आसान नहीं होगा. अन्ना को देर-सवेर अपनी एक अलग राजनीतिक पार्टी बनानी ही होगी जो संसद में पहुंचकर बेहतर काम कर सके. यही लोकतान्त्रिक तरीका कारगर सिद्ध हो सकता है. अरविन्द केजरीवाल को बचकानी जिद छोडनी होगी कि वे राजनीति में नहीं आएंगे. हालाँकि अभी तो चमत्कारों का इंतजार करना चाहिए. विचार, व्यक्ति के व्यक्तित्व की अभिव्यक्ति होते हैं. इन्हीं से पहचान होती है. आइये! समग्र विचार मंच से जुड़कर इसका मर्म जानिए, अपने विचारों को साझा कीजिये. सदस्य बनिए और अपने विचार-प्रधान-लेखों का ई-लेखन के माध्यम से पाठकों तक पहुँचने का प्रयास कीजिये. यह मंच आपका स्वागत करता है. -प्रबंध संपादक

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
Add comment------------------------
यदि आप samagravicharmunch.com को कोई सूचना या जानकारी देना चाहते हैं तो अपनी जानकारी neenag56@gmail.com पर भेजें. संपादक से आप neenag56@gmail.com के जरिये संपर्क कर सकते हैं.
कृपया कमेंट करने में मर्यादित भाषा का प्रयोग करे. लेख में छपे टिप्पणियों के प्रति samagravicharmunch के एडिटर / पब्लिशर की कोई वैधानिक ज़िम्मेदारी नहीं है.
samagravicharmunch की किसी रिपोर्ट से आपको शिकायत है तो आप अपनी शिकायत neenag56@gmail.com पर भेज सकते हैं. आपकी ईमेल या लिखित शिकायतों पर कार्रवाई की जायेगी.. आप हमसे 0-9350168223 के जरिये भी संपर्क कर सकते हैं.
Name (required)----------------
E-mail (required)--------------
Website------------------------
Title--------------------------
-----------------------------------------------------------
50000 symbols left
Notify me of follow-up comments
Send----------------------------