रविवार, 27 मार्च 2011

नाईंन इलेवन के हादसे के बाद/रंजन जैदी

नाईंन इलेवन के हादसे के बाद वह अमेरिका में निजी सिक्योरिटी व्यवसाय में सबसे बड़ा सिक्योरिटी-कांट्रेक्टर बनकर उभरा था.    
उस समय उसके पास एक अरब डालर से भी अधिक के कान्ट्रेक्ट थे. इराक-वार में सैनिकों के अतिरिक्त निजी सिक्योरिटी एजेंसी के एक लाख गार्ड्स महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे थे.    
हाल की खबर के अनुसार  नाटो के सैनिकों से भी पहले इसी एजेंसी के लगभग २५ हज़ार गार्ड्स लीबिया के बेन्गाज़ी में उतारे जा चुके है. नाटो-आपरेशन के बाद तेल के भंडारों और कुंवों का अधिकरण करते ही इनकी तादाद एक लाख तक पहुँचने की संभावना है. इराक युद्ध में इस एजेंसी के एक लाख सुरक्षा-कर्मियों ने नाटो सेना के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.    
अफगानिस्तान में युद्ध से पूर्व इसी एजेंसी के सुरक्षा-सैनिकों ने हजारों अफगान लड़ाकों की हत्या कर नाटो के लिए वातावरण तैयार कर दिया था. इस एजेंसी का नाम है ब्लैक वाटर फ़ोर्स जिसका मुख्यालय अमेरिका स्थित नार्थ केरोलीना के क्षेत्र म्यूक में स्थित है. उसका मालिक ३८ वर्षीय एरिक प्रिंस दुनिया भर में दहशत का पर्याय बन चुका है और जिससे इराक का हर नागरिक नफरत से उबल पड़ता है.    
ब्लैक वाटर फ़ोर्स  दरअसल अमेरिकी सेना का एक निजी विंग है जिसके सैनिकों को ब्लैक वाटर फ़ोर्स नामक एजेंसी से किराये पर लिया जाता है. इराक-वार में इस एजेंसी को अमेरिकी सरकार से २७ मिलियन डालर का ठीका मिला था. यह ठीका अमेरिकी विदेश मंत्रालय द्वारा सन २००३ में उसे इराक स्थित अमेरिकी राजदूत पाल्ब्रेमर की सुरक्षा के लिए दिया गया था क्योंकि तब अमेरिका की बुश सरकार की ओर से पाल्ब्रेमर को इराक की तत्कालीन अंतरिम सरकार (मई २००३ से जून २००४ तक ) के प्रमुख के रूप में बगदाद भेजा गया था.    
बग़दाद पर कब्ज़ा कर लेने के बाद ब्लैक वाटर फ़ोर्स  के सैनिकों ने सरेआम लूट, अपहरण, बलात्कार और बगदाद स्कवैर कत्लेआम का ऐसा नंगा नाच दिखाया कि मानवता की रूह तक काँप-काँप उठी.    
इन स्थितियों में तत्कालीन अंतरिम सरकार के प्रधानमंत्री नूरी अलमालिकी को ब्लैक वाटर फ़ोर्स की कारगुजारियों के विरुद्ध अमेरिकी सरकार से शिकायत करनी पड़ी तो जवाब में बुश सरकार की विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राईस ने आवेश में आकर प्रधानमंत्री नूरी अलमालिकी से माफ़ी मांगने को कहा. यह बेहद दुर्भावनापूर्ण घटना थी.    
इससे ब्लैक वाटर फ़ोर्स के हौसले और भी काफी बुलंद हो गए.  इराक में उसके द्वारा की जाने वाली वारदातों पर उसका नारा बेहद भयानक था, यहाँ आज जो होगा, वह आज ही समाप्त हो जायेगा/कल कोई याद भी नहीं रखेगा. 
इस एजेंसी की इराक में निर्भीकता का हाल यह था कि जब वाशिंगटन पोस्ट के पत्रकार ने एजेंसी के एक गार्ड अधिकारी को उसकी एजेंसी के करतूतों की याद दिलाई और अमेरिकी सरकार की जवाबदेही का भय दिखाया तो उसने स्पष्ट शब्दों में कहा, हमसे कहा जाता है कि यदि किसी कारण कभी कुछ हो भी जाता है और इराकी तुम पर मुकद्दमा कर देते हैं, तो क्या होगा? अधिक से अधिक तुम्हें कार में डालकर रात के अँधेरे में सरहद पार छोड़ दिया जायेगा. इराक में मूलतः हुआ भी यही.     
ब्लैक वाटर फ़ोर्स (जिसे ज़ी के नाम से जाना जाता है) के  इस  दुस्साहस के पीछे अमेरिका के तत्कालीन उपराष्ट्रपति डिक्चेनी थे. डिक्चेनी ने ही अपने कार्यकाल के दौरान फ़ौज में निजी फौजी ब्यूरोक्रेसी के व्यवसाय को बढ़ावा दिया.    
यह वह समय था जब अंतर्राष्ट्रीय सेनाएं अमेरिकी सेना के नेतृत्व में उसके साथ मिलकर १९९१ का खाड़ी युद्ध लड़ रही थीं. यहूदी (ज्यूस इंस्टीटयूट आफ नेशनल सिक्योरिटी अफेयर्स के सदस्य) डिक्चेनी की कंपनी ने बाल्कन विवाद (१९९०) के रहते और स्वो (1999) में भारी मुनाफा कमाया.    
क्लिंटन प्रशासन ने जब सर्बों के विरुद्ध क्रोशिया की सेना को प्रशिक्षण देने के लिए १९९० के उत्तरार्द्ध में आर्मी कंसल्टिंग फर्म वर्जीनिया की मिलिट्री प्रोफेशनल रिसोर्स इनकार्पोरेटेड को ट्रेनिंग का ठीका दिया जिसे अमेरिका के रिटायर्ड सैनिक अधिकारी संचालित कर रहे थे, तो बात साफ हो गई कि अब सेना के सामानांतर निजी क्षेत्र की सुरक्षा सेना से भी सेवाएं ली जा सकेंगीं.     
वार आन टेरर की यह एक शुरुआत थी. अभिन्न मित्र  डोनाल्ड रम्सफील्ड तब अमेरिकी सरकार में रक्षा मंत्री थे. किराये के सैनिकों की खपत उसी कार्यकाल में शुरू हुई, पहले कम, फिर अधिक.    
१९९३ में डिक्चेनी के सेवानिवृत होने से पूर्व उन्होंने फौजी ब्यूरोक्रेसी के सामानांतर प्राइवेट फौजी ब्युक्रेसी को प्रतिष्ठापित कर आगे चलकर हेलीबर्टन कंपनी के सीईओ बन गए. यह एक अमेरिकी सुरक्षा के दुर्ग की निजी सुरक्षा कांट्रेकट एजेंसी थी और जब डिक्चेनी अमेरिकी सरकार में रक्षा मंत्री (मार्च १९८९-जनवरी १९९३) थे, उसी कार्यकाल में पनामा पर अमेरिकी आक्रमण और आपरेशन डेज़र्ट स्टोर्म की योजना को अमली रूप दिया गया. (....जारी)----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
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